Mohammed Shami Eight Wicket Haul Bengal in Trouble in Ranji Trophy Semifinal

मोहम्मद शमी ने मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन में बंगाल और जम्मू कश्मीर के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल मुकाबले की पहली पारी में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। शमी ने आठ विकेट लेकर जम्मू कश्मीर की टीम को पहली पारी में तीन सौ दो रन पर समेट दिया। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। यह मुकाबला कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड पर खेला जा रहा है।
हालांकि शमी के इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद मुकाबले में बाजी जम्मू कश्मीर के गेंदबाज औकिब नबी ने मार ली। उन्होंने पूरे मैच में नौ विकेट झटककर अपनी टीम को रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार फाइनल में पहुंचने के बेहद करीब ला दिया। दूसरी पारी में जम्मू कश्मीर को जीत के लिए सिर्फ तिरासी रन चाहिए और उसके आठ विकेट अभी शेष हैं। लक्ष्य एक सौ छब्बीस रन का है।
जम्मू कश्मीर की दूसरी पारी की स्थिति
दूसरी पारी में जम्मू कश्मीर की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुभम खजूरिया एक रन और यावर हसन छह रन बनाकर आकाश दीप की गेंदों पर लगातार ओवरों में आउट हो गए। इसके बाद बाएं हाथ के बल्लेबाज शुभम पुंडीर ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए सैंतीस गेंदों में नाबाद तेईस रन बनाए, जिसमें चार खूबसूरत चौके शामिल थे।
क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ दूसरी पारी में अर्धशतक लगाने वाले युवा बल्लेबाज वंशज शर्मा को नंबर चार पर प्रमोट किया गया। उन्होंने पच्चीस गेंदों में नौ रन बनाकर पुंडीर का अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाज नाबाद लौटे और ड्रेसिंग रूम से उन्हें जोरदार तालियां मिलीं क्योंकि टीम को एक ऐतिहासिक जीत की उम्मीद नजर आने लगी है।
पहली पारी में शमी का कहर
इससे पहले जम्मू कश्मीर ने दिन की शुरुआत एक सौ अट्ठानवे रन पर पांच विकेट खोकर की थी। इसके बाद मोहम्मद शमी ने मध्यम एक सौ तीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए पांचवें स्टंप की लाइन का बेहतरीन इस्तेमाल किया। उन्होंने आबिद मुश्ताक और कन्हैया वाधवान को आउट कर अपनी लय कायम रखी।
शमी ने इस सीजन का अपना तीसरा और प्रथम श्रेणी क्रिकेट का कुल पंद्रहवां पांच विकेट हॉल पूरा किया। अंत में उन्होंने आठ विकेट लेकर बंगाल को बड़ी बढ़त दिलाने की कोशिश की और जम्मू कश्मीर की पारी तीन सौ दो रन पर समाप्त हुई।
औकिब नबी ने बदला मैच का रुख
जब लग रहा था कि बंगाल की टीम मुकाबले पर पूरी तरह हावी हो जाएगी, तब औकिब नबी ने बल्ले से पलटवार किया। उन्होंने चौवन गेंदों में बयालीस रन बनाए, जिसमें एक छक्का और पांच चौके शामिल थे। नंबर दस पर उतरे युधवीर सिंह ने भी बयालीस गेंदों में तैंतीस रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों के बीच नौवें विकेट के लिए चौंसठ रन की अहम साझेदारी हुई, जिससे घाटा घटकर तीस रन रह गया और मैच का रुख बदल गया।
इसके बाद नबी ने गेंद से भी कमाल किया। बंगाल की दूसरी पारी में उन्होंने अपने पहले ही ओवर में सुदीप चटर्जी को बिना खाता खोले आउट कर दिया। सुनील कुमार के सहयोग से बंगाल की पूरी शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई, जिसमें कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन भी शामिल थे। नबी ने चार विकेट लेकर बंगाल की पारी को पूरी तरह बिखेर दिया।
मोहम्मद शमी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद घरेलू मैदान पर बंगाल की बल्लेबाजी नाकाम रही और अब उनकी खिताबी उम्मीदें अधर में लटक गई हैं।
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