Ishan Kishan Leads Jharkhand to Historic First Syed Mushtaq Ali Trophy Title
ईशान किशन की अगुआई में झारखंड ने इतिहास रच दिया, जब उन्होंने पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में झारखंड ने हरियाणा को हराया, जो पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रही थी। जैसे ही जीत पक्की हुई, रिजर्व खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ मैदान की ओर दौड़ पड़े।
ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने रचा इतिहास, पहली बार जीती सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी
खिलाड़ी स्टंप उखाड़कर यादगार के तौर पर अपने साथ ले गए और जश्न का सिलसिला शुरू हो गया। MCA स्टेडियम में आतिशबाजी हुई और फ्लडलाइट्स की रोशनी में झारखंड के खिलाड़ी मुस्कुराते हुए जीत का जश्न मनाते नजर आए।
वहीं, हरियाणा कैंप में मायूसी साफ झलक रही थी। हालांकि, कप्तान अंकित कुमार और उनकी टीम गर्व के साथ सिर ऊंचा रख सकती है। यह एक युवा टीम थी, जिसमें इस साल 9 खिलाड़ियों ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में डेब्यू किया और सभी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया।
लेकिन फाइनल में हरियाणा को ईशान किशन के एकतरफा प्रदर्शन के आगे घुटने टेकने पड़े। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने ऐसे बल्लेबाजी की मानो उन्हें कुछ साबित करना हो। उन्होंने एक के बाद एक आक्रामक शॉट लगाए और जिन गेंदों का सामना किया, उनमें से लगभग एक-तिहाई गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजा।
उन्होंने कई ओवर शेष रहते हुए अपना शतक पूरा किया और उनके द्वारा बनाए गए दबाव का आलम यह रहा कि दर्शक “दो सौ, दो सौ” के नारे लगाने लगे। हर बैटमैन को एक रॉबिन की जरूरत होती है, और आज यह भूमिका कुमार कुशाग्र ने बखूबी निभाई। उन्होंने 38 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली और लंबे समय तक ईशान किशन के साथ कदम से कदम मिलाकर खेले।
दोनों के बीच हुई 177 रन की विशाल साझेदारी ने मुकाबले को पूरी तरह झारखंड के पक्ष में कर दिया। साझेदारी टूटने के बाद रॉबिन मिंज और अनुकूल रॉय ने जिम्मेदारी संभाली और तेज तर्रार कैमियो खेलते हुए टीम को 262/3 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
गेंदबाजी में विकास कुमार ने शुरुआती झटके दिए। उन्होंने हरियाणा के कप्तान और टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज अंकित कुमार को खाता खोले बिना पवेलियन भेजा और कुछ ही गेंदों बाद आशीष सिवाच को भी आउट कर दिया। इसके बाद हरियाणा की टीम दबाव में आ गई।
यशवर्धन दलाल ने शानदार अर्धशतक लगाया, जबकि निशांत सिंधु और समंत जाखड़ ने भी उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा था। सुषांत मिश्रा और अनुकूल रॉय ने गेंद से शानदार स्पेल डाले, जिन्हें लंबे समय तक याद रखा जाएगा। कुल मिलाकर, हर खिलाड़ी ने अपना योगदान दिया और इसी सामूहिक प्रदर्शन के दम पर झारखंड सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का नया चैंपियन बना।
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