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Is Rishabh Pant's Leadership Journey Over? Questions Raised After LSG's Poor IPL Campaign and Loss of India's Test Vice-Captaincy

by Rohit G

भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक और मैच जिताऊ खिलाड़ियों में से एक, ऋषभ पंत के लिए आईपीएल 2026 और उसके बाद का समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। हालिया घटनाओं और मीडिया रिपोर्ट्स को देखें, तो ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय क्रिकेट और आईपीएल दोनों ही स्तरों पर पंत की कप्तानी और लीडरशिप के सफर पर फिलहाल एक बड़ा 'ब्रेक' लग गया है।  

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की रिपोर्ट्स और बीसीसीआई (BCCI) के हालिया फैसलों ने यह साफ कर दिया है कि एक कप्तान के तौर पर पंत का भविष्य फिलहाल संकट में है।

आईपीएल 2026: लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) में बढ़ीं मुश्किलें

ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) ने मेगा ऑक्शन में रिकॉर्ड ₹27 करोड़ की भारी-भरकम रकम देकर अपनी टीम का कप्तान बनाया था। लेकिन, आईपीएल 2026 में उनकी लीडरशिप और बल्लेबाजी दोनों उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाईं:  

लगातार दूसरा खराब सीजन: पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जाइंट्स आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की रेस से बाहर होने वाली पहली टीम बनी। लगातार दूसरे साल टीम का नॉकआउट स्टेज तक न पहुंच पाना फ्रेंचाइजी के मालिक संजीव गोयनका को रास नहीं आ रहा है।

बल्लेबाजी पर कप्तानी का बोझ: आईपीएल 2026 में पंत ने 11 पारियों में केवल 251 रन बनाए, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल था। आलोचकों और पूर्व क्रिकेटरों (जैसे वसीम जाफर) का मानना है कि कप्तानी के भारी दबाव के कारण पंत अपना स्वाभाविक और आक्रामक खेल नहीं खेल पा रहे हैं।  

सैक होने का खतरा: रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट अब पंत को लीडरशिप रोल से हटाने पर विचार कर रहा है ताकि वह अगले सीजन में पूरी तरह से एक स्वतंत्र बल्लेबाज के रूप में खेल सकें।

टीम इंडिया में बड़ा झटका: टेस्ट की उप-कप्तानी छिनी

पंत की लीडरशिप के सफर को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब बीसीसीआई ने अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए टीम इंडिया का एलान किया:

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई वाली समिति ने ऋषभ पंत को टेस्ट टीम के उप-कप्तान  के पद से हटा दिया है। उनकी जगह केएल राहुल को नए कप्तान शुभमन गिल का डिप्टी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, पंत को वनडे (ODI) टीम से भी बाहर का रास्ता देखना पड़ा है।

चयनकर्ताओं ने क्यों लिया यह फैसला?

अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि चयनकर्ता चाहते हैं कि ऋषभ पंत बिना किसी अतिरिक्त दबाव के खुलकर खेलें और टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे मुख्य बल्लेबाज की भूमिका निभाएं। उनके स्थान को लेकर टेस्ट टीम में कोई खतरा नहीं है, लेकिन उनके वर्कलोड को मैनेज करने और उन्हें कप्तानी के बोझ से मुक्त करने के लिए यह कदम उठाया गया है।  

 क्या खत्म हो गया लीडरशिप का सफर?

तकनीकी रूप से यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऋषभ पंत का लीडरशिप सफर हमेशा के लिए खत्म हो गया है, क्योंकि क्रिकेट में वापसी की कहानियां आम हैं। हालांकि, फिलहाल के लिए यह साफ है कि बीसीसीआई और आईपीएल फ्रेंचाइजी दोनों ही उन्हें 'लीडर' से ज्यादा एक 'मैच-विनर बल्लेबाज' के रूप में देखना चाहते हैं।