IPL Player Trades Explained: Timeline, Rules & Top Rumours for 2026 Season

पिछले कुछ सालों में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का रोमांच मैच खत्म होने के बाद भी बना रहता है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है IPL प्लेयर ट्रेड विंडो। IPL में खिलाड़ी ट्रेड सिस्टम 2009 से मौजूद है, लेकिन हाल के वर्षों में टीमें इसमें ज़्यादा सक्रिय हो गई हैं, खासकर तब से जब खिलाड़ियों की पसंद को भी अहमियत मिलने लगी है।
दो साल पहले हमने IPL इतिहास के सबसे बड़े ट्रेड में से एक देखा, जब गुजरात टाइटंस के कप्तान हार्दिक पांड्या अपने पहले फ्रेंचाइज़ी मुंबई इंडियंस में लौट आए थे।
इस साल सबसे बड़ा चर्चा का विषय है – राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन का टीम छोड़ने का मन बनाना। खबरों के मुताबिक, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) उन्हें साइन करने की सबसे बड़ी कोशिश कर रही है। जैसे-जैसे सीज़न नज़दीक आएगा, और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। आइए जानते हैं IPL ट्रेड विंडो से जुड़ी हर जानकारी।
यह भी पढ़ें: एशिया कप 2025 से पहले भारत के ओपनिंग कॉम्बिनेशन पर सवाल: गिल, जायसवाल, अभिषेक या संजू – कौन करेगा ओपनिंग?
IPL प्लेयर ट्रेड कैसे होते हैं?
IPL ट्रेड सिस्टम 2009 से है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इसमें तेजी आई है। इसमें खिलाड़ी की मर्ज़ी भी अहम होती है।
अगर CSK, RR से सैमसन को लेती है, तो CSK को RR को एक तय रकम देनी होगी। इससे RR के पर्स से सैमसन की ₹18 करोड़ की सैलरी हट जाएगी और यह राशि CSK के पर्स में जुड़ जाएगी। खिलाड़ी का कॉन्ट्रैक्ट वही रहेगा, बस वह अब पीली जर्सी में CSK के लिए खेलेगा।
| डिटेल | जानकारी |
|---|---|
| ट्रेड विंडो टाइमलाइन | सीज़न खत्म होने के एक महीने बाद शुरू, अगले ऑक्शन से एक हफ्ता पहले तक |
| ट्रेड के प्रकार | वन-वे (खिलाड़ी के बदले कैश) या टू-वे (खिलाड़ी के बदले खिलाड़ी) |
| अप्रूवल | IPL गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी ज़रूरी |
| मौजूदा स्थिति | 2026 ऑक्शन से पहले कई स्टार खिलाड़ियों के मूव की संभावना |
| बातचीत | टीमें बैकडोर डील्स करके स्क्वॉड मज़बूत करने में लगी रहती हैं |
क्या अमीर टीमें ज़्यादा पैसे देकर खिलाड़ी ले सकती हैं?
IPL में सभी टीमों को बराबर पर्स मिलता है ताकि मुकाबला निष्पक्ष रहे, लेकिन ट्रांसफर फीस पर कोई लिमिट नहीं है। अमीर टीमें छोटे फ्रेंचाइज़ी को बड़ी रकम ऑफर कर सकती हैं, और यह राशि IPL के आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं दिखती।
खिलाड़ी अपने ट्रांसफर फीस का 50% तक ले सकते हैं, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है।
यह भी पढ़ें: भारत का 2025 क्रिकेट शेड्यूल घोषित एशिया कप से लेकर ऑस्ट्रेलिया दौरे तक सब कुछ शामिल
IPL में खिलाड़ी-के-बदले-खिलाड़ी ट्रेड कैसे होता है?
दूसरा तरीका है प्लेयर-फॉर-प्लेयर ट्रेड। उदाहरण के तौर पर, CSK RR को सैमसन के बदले अपने दो खिलाड़ी दे सकती है। अगर खिलाड़ियों की वैल्यू में फर्क है, तो अतिरिक्त रकम कैश में दी जाती है और पर्स में एडजस्ट होती है।
IPL ट्रेड विंडो कब खुलती और बंद होती है?
सीज़न खत्म होने के एक महीने बाद (इस साल 3 जुलाई) खुलती है
अगले ऑक्शन से एक हफ्ता पहले बंद होती है
ऑक्शन के दौरान बंद रहती है
ऑक्शन के बाद फिर खुलती है और अगले सीज़न से एक महीने पहले बंद हो जाती है
IPL 2026 ट्रेड रूमर्स
| खिलाड़ी | मौजूदा टीम | संभावित नई टीम |
|---|---|---|
| संजू सैमसन | RR | CSK |
| केएल राहुल | DC | KKR / CSK |
| डेवॉन कॉनवे | CSK | GT |
| ईशान किशन | SRH | MI |
| वेंकटेश अय्यर | KKR | SRH / RCB |
IPL इतिहास के कुछ सबसे बड़े ट्रेड
| खिलाड़ी | नई टीम | साल | ट्रांसफर फीस |
|---|---|---|---|
| हार्दिक पांड्या | मुंबई इंडियंस | 2024 | ₹15 करोड़ |
| केएल राहुल | RCB | 2016 | खुलासा नहीं |
| कैमरून ग्रीन | RCB | 2024 | खुलासा नहीं |
| केविन पीटरसन | दिल्ली डेयरडेविल्स | 2012 | खुलासा नहीं |
| रविचंद्रन अश्विन | दिल्ली कैपिटल्स | 2020 | खुलासा नहीं |
यह भी पढ़ें: Australia vs South Africa 2025: पूरा शेड्यूल, स्क्वॉड, मैच टाइमिंग और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्स