IPL

IPL 2026: The Struggle of Axar Patel – Captaincy Pressure or Loss of Form?

by PHPR

IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के कप्तान अक्षर पटेल के लिए यह सीजन अब तक किसी दुःस्वप्न  से कम नहीं रहा है। एक ऑलराउंडर और कप्तान के रूप में उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन आंकड़ों और मैदान पर उनके फैसलों ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों दोनों को हैरान कर दिया है।

यहाँ एक विस्तृत विश्लेषण दिया गया है कि अक्षर पटेल के साथ इस सीजन में क्या गलत हो रहा है:

IPL 2026: क्या कप्तानी के बोझ तले दब गए हैं अक्षर पटेल?

1. बल्लेबाजी में 'फ्लॉप' शो

अक्षर पटेल की सबसे बड़ी ताकत उनकी 'पिंच हिटिंग' मानी जाती थी, लेकिन इस सीजन में उनका बल्ला पूरी तरह खामोश है।

आंकड़े: 10 मैचों की 7 पारियों में उन्होंने केवल 33 रन बनाए हैं।  

स्ट्राइक रेट: उनका स्ट्राइक रेट 90 से भी कम (89.18) रहा है, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से बेहद निराशाजनक है।  

निरंतरता की कमी: एक पारी में बनाए गए 26 रनों को हटा दें, तो बाकी 6 पारियों में उनके बल्ले से सिर्फ 7 रन निकले हैं। वह दहाई का आंकड़ा छूने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।  

2. कप्तानी के दबाव में गलत फैसले

विशेषज्ञों, जिनमें इरफान पठान और आरोन फिंच शामिल हैं, का मानना है कि अक्षर कप्तानी के दबाव में खुद पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।  

गेंदबाजी में झिझक: कप्तान के तौर पर वह अक्सर खुद को गेंदबाजी से रोक लेते हैं। कई मैचों में जब पावरप्ले में विकेट की जरूरत थी, तब उन्होंने खुद आक्रमण नहीं किया।

अजीबोगरीब फैसले: सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ मैच में, जब अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड खतरनाक बल्लेबाजी कर रहे थे, अक्षर और कुलदीप यादव ने मिलकर केवल 4 ओवर डाले, जबकि पार्ट-टाइमर्स से ओवर करवाए गए।

3. 'सेफ' खेलने की रणनीति

अक्षर इस सीजन में विकेट लेने के बजाय रन रोकने  पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 8.25 का है, जो बुरा नहीं है, लेकिन वह मुश्किल ओवर (जैसे डेथ ओवर या सेट बल्लेबाजों के सामने) डालने से बचते नजर आए हैं। 10 मैचों में 9 विकेट उनके कद के गेंदबाज के लिए कम माने जा रहे हैं।  

4. टीम का गिरता मनोबल

दिल्ली कैपिटल्स इस समय अंक तालिका में निचले पायदान पर है (10 में से 4 जीत)। हार के बाद अक्षर के बयानों में भी लाचारी दिखी है। उन्होंने पिच पर गेंदबाजों को सपोर्ट न मिलने और फील्डर्स द्वारा कैच छोड़ने को हार का मुख्य कारण बताया है, जिससे कप्तान के रूप में उनकी अपनी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।  

अक्षर पटेल एक "वर्ल्ड कप विनर" खिलाड़ी हैं और उनमें वापसी करने की क्षमता है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब हर मैच 'करो या मरो' जैसा है। अगर दिल्ली को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो अक्षर को न केवल गेंद से बल्कि बल्ले से भी 'मैच विनर' वाली भूमिका निभानी होगी और कप्तानी में निडर फैसले लेने होंगे।