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IPL 2025 Sponsorship Revenue Crosses 1000 Crore Mark

by Avi

इंडियन प्रीमियर लीग लंबे समय से क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यावसायिक मंच रहा है, लेकिन 2025 ने इसकी ताकत को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया। पहली बार खेल इतिहास में आईपीएल फ्रेंचाइजी ने सिर्फ टीम स्पॉन्सरशिप के जरिए ही 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।

2025 में रियल मनी गेमिंग सेक्टर पर नियमों के कारण निवेश में गिरावट देखने को मिली। हालांकि, इस पर प्रतिबंध लागू होने से पहले आईपीएल 2025 में फ्रेंचाइजी ने स्पॉन्सरशिप से रिकॉर्ड कमाई दर्ज की। यह प्रतिबंध अगस्त 2025 में लागू हुआ, तब तक पूरा सीजन समाप्त हो चुका था।

डब्ल्यूपीपी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में आईपीएल टीमों की कुल स्पॉन्सरशिप कमाई 1033 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह आंकड़ा वैश्विक खेल अर्थव्यवस्था में लीग की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रियल मनी गेमिंग निवेश के बिना लीग आगे कैसे बढ़ती है।

मुंबई चेन्नई और आरसीबी का दबदबा

कुल कमाई बड़ी जरूर है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा कुछ टीमों के पास ही है।

मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस मामले में सबसे आगे हैं। ये टीमें हर साल करीब 150 करोड़ रुपये तक की कमाई स्पॉन्सरशिप से करती हैं। मजबूत ब्रांड वैल्यू, बड़ी फैन फॉलोइंग और लगातार प्रदर्शन इन्हें विज्ञापनदाताओं के लिए आकर्षक बनाते हैं।

आरसीबी ने 2025 में खिताब जीतने के बाद अपनी ब्रांड वैल्यू और बढ़ा ली है। वहीं चेन्नई और मुंबई के पास पहले से ही पांच पांच खिताब हैं।

कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस इसके बाद की श्रेणी में आते हैं, जबकि बाकी टीमें भी कुल 1033 करोड़ के पूल में योगदान देती हैं।

इस साल स्पॉन्सरशिप ट्रेंड में बड़ा बदलाव देखने को मिला। रियल मनी गेमिंग कंपनियों के पीछे हटने के बाद ऑटो, सीमेंट, रियल एस्टेट और टेक कंपनियों ने जगह ली। कम डील्स हुईं, लेकिन रकम बड़ी रही।

भारतीय खेलों में आईपीएल की ताकत

2025 में भारत में कुल खेल स्पॉन्सरशिप 7949 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा क्रिकेट का रहा, जिसने अकेले 6750 करोड़ रुपये की कमाई की।

आईपीएल इस पूरे इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बन चुका है और भारतीय खेल व्यापार की रीढ़ माना जा रहा है।

आईपीएल टीमें कैसे कमाती हैं

स्पॉन्सरशिप के अलावा भी आईपीएल टीमों के कई बड़े आय स्रोत होते हैं

आय का स्रोत योगदान विवरण
सेंट्रल रेवेन्यू पूल 75 से 80 प्रतिशत मीडिया राइट्स और बीसीसीआई स्पॉन्सरशिप से मिलने वाली राशि
मीडिया राइट्स हिस्सा 60 से 70 प्रतिशत हर टीम को लगभग 400 से 540 करोड़ रुपये सालाना
टीम स्पॉन्सरशिप 10 से 20 प्रतिशत जर्सी डील और डिजिटल कैंपेन
मैच डे कमाई लगभग 10 प्रतिशत टिकट बिक्री और स्टेडियम खर्च
अन्य स्रोत बदलता रहता है मर्चेंडाइज और प्राइज मनी

आगे क्या होगा

अब जब रियल मनी गेमिंग सेक्टर का निवेश कम हो गया है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आईपीएल की ग्रोथ इसी तरह जारी रहती है या इसमें गिरावट आती है। हालांकि प्रीमियम ब्रांड्स की दिलचस्पी को देखते हुए भविष्य मजबूत दिखाई देता है।

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