IPL

India's 5 Greatest ODI Openers: A 'Blind Ranking' of History-Makers

by Rohit G

भारतीय वनडे (ODI) क्रिकेट का इतिहास शानदार ओपनर्स की कहानियों से भरा पड़ा है। 1983 के वर्ल्ड कप की नींव रखने से लेकर आधुनिक युग में बड़े-बड़े स्कोर खड़े करने तक, इन खिलाड़ियों ने मैच का रुख तय किया है।

इस आर्टिकल में, हम भारत के 5 सबसे महान वनडे ओपनर्स को 'ब्लाइंड रैंक' (बिना अगला नाम जाने क्रमानुसार चुनना) के तर्ज पर, उनके प्रभाव, आंकड़ों और मैच जिताने की क्षमता के आधार पर 1 से 5 की रैंकिंग में सजा रहे हैं।

1. सचिन तेंदुलकर 

जब बात वनडे ओपनिंग की आती है, तो नंबर 1 स्थान पर कोई बहस ही नहीं हो सकती। सचिन तेंदुलकर न सिर्फ भारत के बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे ओपनर हैं।  

क्यों हैं नंबर 1: 1994 में न्यूजीलैंड के खिलाफ जब सचिन पहली बार वनडे में ओपनिंग करने उतरे, तो उन्होंने 49 गेंदों में 82 रन बनाकर ओपनिंग की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने ओपनर के तौर पर 15,000 से ज्यादा रन बनाए और 45 शतक जड़े।  

खासियत: उन्होंने उस दौर में रन बनाए जब 250 का स्कोर मैच जिताने वाला माना जाता था। 2010 में वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक (200*) लगाना उनकी महानता का प्रमाण है।

2. रोहित शर्मा 

आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक, रोहित शर्मा इस सूची में दूसरे स्थान पर मजबूती से खड़े हैं।

क्यों हैं नंबर 2: साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में ओपनर के तौर पर प्रमोट होने के बाद रोहित का करियर पूरी तरह बदल गया। वनडे क्रिकेट में 3 दोहरे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं।

खासियत: उनका गेम प्लान अनोखा है—शुरुआत में समय लेना और एक बार सेट होने के बाद गेंदबाजों को रिमांड पर लेना। 2019 वर्ल्ड कप में उनके 5 शतक और 2023 वर्ल्ड कप में उनकी आक्रामक कप्तानी पारियों ने भारत को एक नई ऊंचाई दी।  

3. वीरेंद्र सहवाग 

वीरेंद्र सहवाग ने वनडे क्रिकेट में ओपनिंग के मायने बदल दिए। उनका मानना सरल था—गेंद दिखती है, तो मारो, चाहे वह मैच की पहली ही गेंद क्यों न हो।

क्यों हैं नंबर 3: सहवाग का स्ट्राइक रेट (104+) उस दौर में था जब लोग 80 के स्ट्राइक रेट को भी अच्छा मानते थे। उन्होंने गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा किया।  

खासियत: उन्होंने शुरुआत के 15 ओवरों (पावरप्ले) का ऐसा इस्तेमाल किया कि बाद में आने वाले बल्लेबाजों के लिए काम बेहद आसान हो गया। इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका 219 रन का स्कोर आज भी फैंस के जेहन में ताजा है।  

4. सौरव गांगुली 

'दादा' के नाम से मशहूर सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की ओपनिंग जोड़ी ने सालों तक विश्व क्रिकेट पर राज किया है।

क्यों हैं नंबर 4: ऑफ-साइड के भगवान कहे जाने वाले गांगुली ने ओपनर के तौर पर भारत के लिए 9,000 से ज्यादा रन बनाए। सचिन के साथ उनकी ओपनिंग पार्टनरशिप आज भी वनडे इतिहास की सबसे सफल साझेदारियों में गिनी जाती है।

खासियत: गांगुली का स्पिनरों के खिलाफ क्रीज से बाहर निकलकर छक्के मारना और तेज गेंदबाजों के खिलाफ कड़क कवर ड्राइव लगाना भारतीय क्रिकेट के सबसे खूबसूरत दृश्यों में से एक है।

5. शिखर धवन 

'गब्बर' के नाम से मशहूर शिखर धवन इस लिस्ट को पूरा करते हैं। बड़े मैचों और आईसीसी (ICC) टूर्नामेंट्स में उनका रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है।

क्यों हैं नंबर 5: रोहित शर्मा के साथ धवन की जोड़ी ने भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं। 2013 और 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी हो या 2015 और 2019 का वर्ल्ड कप, धवन का बल्ला आईसीसी टूर्नामेंट्स में हमेशा जमकर बोला।

खासियत: धवन एक स्वाभाविक स्ट्रोक-प्लेयर रहे हैं, जो निडर होकर खेलते थे और बड़े टूर्नामेंट में दबाव को बेहद आसानी से सोख लेते थे।

निष्कर्ष: भारत के पास हर दौर में एक ऐसा ओपनर रहा है जिसने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त किया है। सचिन ने जहां क्लास और निरंतरता दी, वहीं सहवाग ने आक्रामकता, गांगुली ने बड़प्पन, रोहित ने विध्वंसक पारियां और धवन ने बड़े मंचों पर भरोसा दिया। यही कारण है कि भारतीय वनडे टीम हमेशा से एक महाशक्ति रही है।