IPL

India A vs Sri Lanka A Head to Head Record: Who Dominates the Rivalry?

by Rohit G

जब भी भारत ए  और श्रीलंका ए  की टीमें क्रिकेट के मैदान पर आमने-सामने होती हैं, मुकाबला हमेशा दिलचस्प होता है। ये दोनों टीमें अपनी सीनियर राष्ट्रीय टीमों की 'बेंच स्ट्रेंथ' यानी भविष्य के सितारों को तराशने का काम करती हैं।

चूंकि दोनों टीमें अक्सर इमर्जिंग एशिया कप, द्विपक्षीय सीरीज  और त्रिकोणीय सीरीज में भिड़ती रहती हैं, इसलिए इनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देखना बेहद रोमांचक है।

इंडिया ए बनाम श्रीलंका ए: हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

सीनियर टीमों की तरह ही 'ए' टीमों के स्तर पर भी भारतीय टीम का दबदबा थोड़ा ज्यादा देखने को मिलता है। हालांकि, श्रीलंका ए को उनके घरेलू मैदान पर हराना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है।

फॉर्मेटकुल मैचइंडिया ए जीताश्रीलंका ए जीताबेनतीजा/ड्रॉ

मल्टी-डे / फर्स्ट क्लास 12525

लिस्ट ए / वनडे 181161

टी20 / इमर्जिंग लेवल6420

ध्यान दें: ए-टीमों के मैचों में कई बार सीनियर खिलाड़ी भी चोट के बाद फॉर्म हासिल करने के लिए खेलते हैं, जिससे मुकाबलों का स्तर बेहद प्रतिस्पर्धी हो जाता है।

 मुख्य प्रतिद्वंद्विता और इतिहास

1. रेड बॉल क्रिकेट (फर्स्ट क्लास)

चार दिवसीय मैचों में भारत और श्रीलंका की पिचों में काफी समानता होने के कारण बल्लेबाजों को बड़ी पारियां खेलने का मौका मिलता है। भारत ए ने स्पिन डिपार्टमेंट में अपनी ताकत के दम पर श्रीलंका ए के खिलाफ शानदार जीतें दर्ज की हैं। हालांकि, श्रीलंकाई पिचों पर वहां के स्थानीय स्पिनर्स भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा लेते हैं।

2. लिस्ट ए और सीमित ओवरों का दबदबा

वनडे फॉर्मेट (List A) में इंडिया ए का रिकॉर्ड काफी मजबूत है। भारत के पास आईपीएल (IPL) और घरेलू सत्र की वजह से टैलेंट का एक बहुत बड़ा पूल है। तिलक वर्मा, देवदत्त पडिक्कल और आयुष बदोनी जैसे युवा खिलाड़ी लगातार वाइट-बॉल क्रिकेट में श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाने में कामयाब रहे हैं।

 हालिया भिड़ंत और मौजूदा सीरीज (2026)

हाल ही में दोनों टीमों के बीच त्रिकोणीय सीरीज और मल्टी-डे मैचों का आयोजन तय हुआ है, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक और बड़ा मंच मिला है।  

ताकत: इंडिया ए की ताकत उनकी गहरी बल्लेबाजी लाइन-अप और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर्स हैं।

चुनौती: श्रीलंका ए को उनके घरेलू मैदान (जैसे दांबुला और गाले) पर स्पिन के अनुकूल पिचों का फायदा मिलता है। वहां वानिंदु हसरंगा या महीश तीक्ष्णा जैसे स्तर के उभरते मिस्ट्री स्पिनर्स भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करते हैं।

हेड-टू-हेड आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि इंडिया ए का पलड़ा श्रीलंका ए पर भारी रहा है। लेकिन श्रीलंका ए को कभी भी कम आंकना बड़ी भूल साबित हो सकता है, खासकर उनके अपने घर में। ये मुकाबले केवल हार-जीत के लिए नहीं, बल्कि दोनों देशों के भविष्य के सुपरस्टार्स को खोजने के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं।