IND vs SA: Virat Kohli Rolls Back the Years, Smashes 52nd ODI Hundred in Ranchi
विराट कोहली ने एक बार फिर रांची में अपना जलवा बिखेरा और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार, 30 नवंबर को खेले गए सीरीज़ ओपनर में अपना 52वां वनडे शतक जमाया। इस शतक के साथ उन्होंने इस मैदान पर अपने शानदार रिकॉर्ड को और मज़बूत किया। कोहली ने 102 गेंदों में सात चौके और पाँच छक्कों की मदद से यह मील का पत्थर हासिल किया। यह रांची में उनका तीसरा ODI शतक भी है, जो इस मैदान को उनके लिए सबसे सफल स्थलों में से एक बनाता है।
शतक पूरा करने के तुरंत बाद जश्न थोड़ी देर के लिए रुका, जब एक दर्शक मैदान में घुस आया और खेल कुछ समय के लिए बाधित हो गया। सुरक्षा कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद खेल दोबारा शुरू हुआ, लेकिन इस घटना ने मैदान की ऊर्जा और माहौल को बिल्कुल कम नहीं किया। दर्शक कोहली के शतक का इंतज़ार कर रहे थे और उनके बल्ले से हर रन के साथ रोमांच बढ़ रहा था।
कोहली का शतक तक पहुँचना बेहद संयमित और सटीक रहा। उन्होंने जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए लगातार स्ट्राइक रोटेट की। एक समय उन्होंने ओवर की आखिरी गेंद पर स्ट्राइक रखने की कोशिश भी की, लेकिन केएल राहुल ने रन लेने से मना कर दिया, जिससे उत्सुकता और बढ़ गई। जब उनका शतक पूरा हुआ, तो उन्होंने हमेशा की तरह शांत अंदाज़ में बल्ला उठाया और पूरा JSCA स्टेडियम गूंज उठा।
मैदान पर आने के बाद चौथे ओवर में ही कोहली ने अपना इरादा जाहिर कर दिया। नांद्रे बर्गर की पहली ही गेंद पर लगने वाला चौका उनके रुख की झलक था। उन्होंने बहुत जल्दी पिच को परखा और समझ लिया कि यहाँ गेंदबाज़ों को कोई ख़ास मदद नहीं मिलेगी। पावरप्ले में उन्होंने बर्गर की गति का फायदा उठाते हुए एक छक्का और एक चौका जड़ा, जिससे भारत ने पहले 10 ओवर में 80/1 का मज़बूत स्कोर हासिल कर लिया।
फील्ड फैलने के बाद कोहली ने अपनी फिटनेस और रनिंग के दम पर दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बनाए रखा। उनका अर्धशतक भी उनके क्लासिक अंदाज़ में आया, कोर्बिन बॉश की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से लगाया गया शानदार फ्लिक, जो सीधा दर्शक दीर्घा में गया।
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद पारी थोड़ी धीमी हुई, क्योंकि रुतुराज गायकवाड़ और वाशिंगटन सुंदर लय नहीं पकड़ पाए। बाउंड्री मिलना मुश्किल हो गया और भारत की गति पर असर पड़ा। लेकिन कोहली ने ऑफ साइड पर एक शानदार चौका लगाकर फिर से रफ्तार पकड़ी और 90 के पार पहुँचे। इसके बाद उनका अंदाज़ एकदम शांत, सहज और अनुभवी खिलाड़ी जैसा था,कोई घबराहट नहीं, कोई फालतू शॉट नहीं, बस धैर्य के साथ लक्ष्य तक पहुँचना। रांची में एक बार फिर ‘विंटेज विराट’ लौटे और रांची ने दिल खोलकर उनका स्वागत किया।
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