Ignored Again! Why Sarfaraz Khan Deserves a Spot in India A Team
भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन कभी-कभी ऐसे फैसले होते हैं जो सभी को चौंका देते हैं। मुंबई के बल्लेबाज़ सरफराज खान का इंडिया A टीम से बाहर रह जाना ऐसा ही एक मामला है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में इतने रन बनाए हैं कि उन्हें नज़रअंदाज़ करना अन्याय जैसा लगता है।
रणजी ट्रॉफी में सरफराज खान का रिकॉर्ड किसी दिग्गज से कम नहीं है। 2019 से अब तक उनका औसत लगभग 80 रन प्रति पारी रहा है। उन्होंने कई बार मुंबई को संकट से निकाला है, डबल सेंचुरी लगाई है और अपनी मानसिक मजबूती दिखाई है। इसके बावजूद, हर बार जब इंडिया A टीम की घोषणा होती है, उनका नाम गायब रहता है।
सेलेक्टर्स की तरफ से एक कारण “फिटनेस” बताया जाता है। लेकिन सवाल उठता है जब कोई बल्लेबाज़ लगातार रन बना रहा है, तो क्या थोड़ी-बहुत फिटनेस की कमी उसकी प्रतिभा को ढक सकती है? खास बात यह है कि सरफराज ने अपनी फिटनेस में काफी सुधार किया है।
एक और तर्क “टीम कॉम्बिनेशन” और “कड़ी प्रतिस्पर्धा” का दिया जाता है। सही है कि मिडिल ऑर्डर में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन सरफराज जैसे रन-मशीन को मौका न देना यह संदेश देता है कि घरेलू प्रदर्शन का महत्व कम होता जा रहा है।
सुनील गावस्कर और इरफान पठान जैसे दिग्गज भी कह चुके हैं कि सरफराज के साथ अन्याय हुआ है। उनका मानना है कि जब इतने निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मौका नहीं मिलता, तो यह बाकी घरेलू खिलाड़ियों के मनोबल को भी तोड़ देता है।
सरफराज खान का मामला सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं है यह मेहनत, निष्ठा और न्याय की बात है। जब तक उन्हें उचित मौका नहीं मिलता, तब तक यह सवाल गूंजता रहेगा आख़िर और क्या करे सरफराज, ताकि उन्हें इंडिया A टीम में जगह मिले?
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