ICC Plans 12 Team World Test Championship Expansion Before 2027 Cycle

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी टेस्ट क्रिकेट की संरचना और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईसीसी बोर्ड अपनी अगली बैठक में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के विस्तार और ओलंपिक क्वालिफिकेशन ढांचे को अंतिम रूप देने पर चर्चा करेगा।
आईसीसी की 2026 की पहली तिमाही बोर्ड बैठक पहले दोहा में होनी थी, लेकिन भू राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इसे टाल दिया गया। इसके बाद बोर्ड सदस्यों के बीच ऑनलाइन चर्चा हुई, लेकिन कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया। अब माना जा रहा है कि इसी महीने होने वाली अगली बैठक में इन अहम प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 12 टीमों को शामिल करने की तैयारी
आईसीसी जिन सबसे बड़े प्रस्तावों पर विचार कर रहा है, उनमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का विस्तार प्रमुख है। जुलाई 2027 से शुरू होने वाले अगले चक्र में कुल 12 टीमों को शामिल करने की योजना है।
मौजूदा टेस्ट खेलने वाले देशों के साथ अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे को भी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में शामिल किया जा सकता है। इससे पहली बार इन तीनों टीमों को नियमित रूप से टेस्ट क्रिकेट के बड़े मंच पर खेलने का मौका मिलेगा।
| संभावित नई टीमें | मौजूदा स्थिति |
|---|---|
| अफगानिस्तान | टेस्ट दर्जा प्राप्त |
| आयरलैंड | टेस्ट दर्जा प्राप्त |
| जिम्बाब्वे | टेस्ट दर्जा प्राप्त |
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव को आईसीसी की मुख्य कार्यकारी समिति से मंजूरी मिल चुकी है। इससे साफ है कि आईसीसी के भीतर इस बदलाव को लेकर समर्थन मौजूद है। हालांकि, कुछ बड़े क्रिकेट बोर्ड अब भी कार्यक्रम संतुलन और खिलाड़ियों के कार्यभार को लेकर चिंतित हैं।
पहले टेस्ट क्रिकेट में दो स्तर की प्रणाली लागू करने पर चर्चा हुई थी, लेकिन छोटे देशों ने इसका विरोध किया। उनका मानना था कि इससे उन्हें शीर्ष स्तर पर खेलने के मौके कम मिल जाएंगे। इसी वजह से अब आईसीसी दो स्तरीय ढांचे की बजाय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।
ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफिकेशन नियम तय करने पर जोर
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के विस्तार के साथ साथ आईसीसी लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्रिकेट की क्वालिफिकेशन प्रक्रिया को भी अंतिम रूप देना चाहता है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, हर बड़े क्षेत्र की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम को सीधे ओलंपिक में जगह मिलेगी। इनमें एशिया, ओशिनिया, यूरोप और अफ्रीका शामिल हैं। मेजबान होने के कारण अमेरिका को भी सीधे प्रवेश मिलेगा।
| क्षेत्र | सीधे क्वालिफाई करने वाली टीम |
| एशिया | सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम |
| ओशिनिया | सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम |
| यूरोप | सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम |
| अफ्रीका | सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम |
| मेजबान | अमेरिका |
बाकी बची एक जगह के लिए 2027 में एक वैश्विक क्वालिफायर टूर्नामेंट कराया जाएगा। इसमें वे आठ टीमें हिस्सा लेंगी, जो क्षेत्रीय स्तर पर सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाएंगी।
महिला क्रिकेट के लिए भी लगभग यही क्वालिफिकेशन ढांचा अपनाए जाने की संभावना है। यानी महिला और पुरुष दोनों वर्गों में एक जैसी प्रक्रिया लागू हो सकती है।
ये फैसले क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण
अगर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 12 टीमों को शामिल करने का फैसला होता है, तो यह आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े बदलावों में से एक होगा। इससे अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसी टीमों को अधिक मौके मिलेंगे और टेस्ट क्रिकेट का दायरा दुनिया भर में बढ़ेगा।
इसके अलावा, ओलंपिक क्वालिफिकेशन का ढांचा तय होना भी बेहद जरूरी है। इससे सभी क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों और टीमों की तैयारी लंबे समय के हिसाब से कर पाएंगे। राष्ट्रीय बोर्ड पहले से यह योजना बना सकेंगे कि किन टूर्नामेंट्स और खिलाड़ियों पर ध्यान देना है।
आगे क्या होगा
आईसीसी जुलाई 2026 में स्कॉटलैंड में होने वाली अपनी वार्षिक आम बैठक से पहले इन सभी प्रस्तावों को अंतिम रूप देना चाहता है। इसी महीने के अंत में बैंकॉक में होने वाली संभावित बोर्ड बैठक में इन मुद्दों पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
अगर बोर्ड इन प्रस्तावों को मंजूरी दे देता है, तो आने वाले वर्षों में टेस्ट क्रिकेट और ओलंपिक क्रिकेट दोनों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
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