ICC Investigates Canada Match After Corruption Allegations Documentary

एक जांच आधारित डॉक्यूमेंट्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शीर्ष स्तर पर हलचल मचा दी है। आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट इस समय 2026 टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप के दौरान खेले गए कनाडा के एक मैच की जांच कर रही है और इसका असर एक मुकाबले से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।
यह मामला चेन्नई में खेले गए कनाडा और न्यूजीलैंड के ग्रुप स्टेज मैच से जुड़ा है। बाहर से देखने पर यह मैच न्यूजीलैंड की आसान जीत जैसा लगा था। टीम ने 174 रन का लक्ष्य सिर्फ 15 ओवर और एक गेंद में हासिल कर लिया था और केवल दो विकेट गंवाए थे।
लेकिन अब ध्यान उस पारी के पांचवें ओवर पर गया है। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 35 रन पर दो विकेट था और कनाडा मुकाबले में बना हुआ था। इसी बीच कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा, जिन्हें टूर्नामेंट से सिर्फ तीन हफ्ते पहले कप्तान बनाया गया था, खुद गेंदबाजी करने आए।
उनका यह ओवर काफी खराब रहा। पहले नो बॉल, फिर वाइड और कुल मिलाकर 15 रन खर्च हुए। रचिन रवींद्र ने इस ओवर में दो चौके लगाए। इसके बाद मैच पूरी तरह न्यूजीलैंड के पक्ष में चला गया और टीम ने बिना कोई और विकेट गंवाए जीत दर्ज कर ली।
डॉक्यूमेंट्री के बाद शुरू हुई जांच
यह जांच एक 43 मिनट की डॉक्यूमेंट्री के बाद शुरू हुई है, जिसे सीबीसी ने प्रसारित किया था। इस फिल्म में क्रिकेट कनाडा के प्रशासन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं है।
आईसीसी एक अन्य मामले की भी जांच कर रही है, जिसमें कनाडा के पूर्व कोच खुर्रम चोहान का नाम सामने आया है। एक लीक फोन रिकॉर्डिंग में यह आरोप लगाया गया है कि बोर्ड के कुछ सदस्यों ने खास खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने का दबाव बनाया था। इसमें मैच फिक्सिंग की कोशिशों का भी जिक्र है, हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
पूर्व कोच पबुडु दसनायके ने भी ऐसे ही आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें 2024 टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप से पहले कुछ खिलाड़ियों को चुनने के लिए दबाव डाला गया था और मना करने पर उनके कॉन्ट्रैक्ट को खतरे में डाल दिया गया। अब वह गलत तरीके से बर्खास्त किए जाने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।
प्रशासनिक अस्थिरता भी बड़ा कारण
क्रिकेट कनाडा का प्रशासन लंबे समय से अस्थिर रहा है। नेतृत्व में लगातार बदलाव हुए हैं और एक पूर्व सीईओ पर आपराधिक मामले भी सामने आए हैं। इससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
खिलाड़ियों की ओर से भी शिकायतें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इनाम की राशि के भुगतान में देरी हुई और कुछ समय तक खिलाड़ियों के पास केंद्रीय अनुबंध भी नहीं थे। बाद में उन्हें छोटे समय के लिए अनुबंध दिए गए।
आईसीसी का बयान
आईसीसी की इंटीग्रिटी यूनिट के अंतरिम महाप्रबंधक एंड्रयू एफग्रेव ने कहा कि उन्हें सीबीसी द्वारा प्रसारित कार्यक्रम की जानकारी है। उन्होंने कहा कि आईसीसी अपनी प्रक्रिया के तहत ऐसे मामलों पर सीधे टिप्पणी नहीं करता, लेकिन जहां खेल की साख पर खतरा होता है वहां जांच की जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि एंटी करप्शन यूनिट तीन मुख्य क्षेत्रों में काम करती है जिनमें सूचना जुटाना, रोकथाम और शिक्षा, तथा जांच शामिल हैं।
फिलहाल आरोप सामने हैं और जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष अभी आना बाकी है, लेकिन कनाडा क्रिकेट के लिए यह मामला पहले ही काफी नुकसान पहुंचा चुका है।
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