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ICC Fines Fakhar Zaman 10% of Match Fee for Dissent in Tri-Series Final

by Avi

त्रिकोणीय सीरीज़ फाइनल के दौरान पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज़ फखर ज़मान की हरकत पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने सख्त रुख अपनाते हुए उनकी मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया है। ICC ने उन्हें कोड ऑफ़ कंडक्ट के लेवल-1 का उल्लंघन करने का दोषी पाया है। बता दें कि फखर ज़मान को यह जुर्माना अंपायर के फैसले पर बहस करने और असहमति दिखाने के कारण लगाया गया है। यह घटना पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले के दौरान हुई।

क्या हुआ था त्रिकोणीय सीरीज़ के फाइनल में?

यह मामला पहली पारी के 19वें ओवर में सामने आया। फखर ज़मान ने दासुन शनाका का एक कैच पकड़ा था, लेकिन तीसरे अंपायर को कैच पूरी तरह साफ़ नहीं लगा और उन्होंने श्रीलंकाई बल्लेबाज़ को वापस बल्लेबाज़ी जारी रखने के लिए कहा।

यह फैसला फखर ज़मान को बिल्कुल पसंद नहीं आया। गुस्से में उन्होंने अंपायर की ओर कदम बढ़ाए, उनसे बहस की और उंगली तक उठाई। उनका यह व्यवहार साफ़ तौर पर कोड ऑफ़ कंडक्ट का उल्लंघन था, जिसके चलते उन पर जुर्माना लगना तय था।

फखर ने स्वीकार की अपनी गलती

ICC ने अपनी प्रेस रिलीज़ में बताया कि फखर ज़मान ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। यही वजह है कि उन्हें सिर्फ़ एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है, क्योंकि पिछले 24 महीनों में यह उनकी पहली ऐसी गलती है। ICC के मुताबिक फखर ज़मान का आरोप “अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति और विरोध दिखाना” था।

ICC के आर्टिकल 2.8 में क्या कहा गया है?

ICC के आर्टिकल 2.8 में निम्नलिखित कार्रवाइयों को अंपायर के फैसले पर असहमति या विरोध बताकर दंडनीय माना गया है:

  •  अंपायर के फैसले पर अत्यधिक और स्पष्ट निराशा दिखाना

  •  खेल दोबारा शुरू करने में देरी करना या मैदान छोड़ने में देर करना

  •  सिर हिलाना

  •  LBW दिए जाने पर स्पष्ट रूप से अंदरूनी किनारा दिखाना

  •  कैच आउट होने पर पैड या कंधा रगड़कर इशारा करना

  •  अंपायर से टोपी तेज़ी से या रुखाई में लेना

  •  टीवी अंपायर से गैर-जरूरी रीव्यू की मांग करना

  •  अंपायर के फैसले पर बहस करना या लंबे समय तक चर्चा करना

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