How Can India Still Reach T20 World Cup 2026 Semi-Final After 76-Run Loss to South Africa?
भारत को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए सुपर-8 के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से करारी हार झेलनी पड़ी। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब रही और पावरप्ले में टीम 20/3 पर सिमट गई थी, लेकिन इसके बाद मिडिल ऑर्डर ने शानदार वापसी की।
डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने 97 रनों की अहम साझेदारी कर टीम को संभाला। मिलर ने दबाव में 35 गेंदों पर 63 रन बनाए और भारत की ढीली गेंदबाज़ी का पूरा फायदा उठाया। मिडिल ओवर्स में भारत अपनी पकड़ नहीं बना सका, जो आमतौर पर उसकी ताकत मानी जाती है।
भारत के प्रमुख स्पिनर वरुण चक्रवर्ती लय में नजर नहीं आए और अपने चार ओवरों में 47 रन दे बैठे। ब्रेविस ने 29 गेंदों पर 45 रन जोड़े, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने अंत में तेजी से रन बटोरते हुए 183.33 के स्ट्राइक रेट से 44 रन बनाए। स्टब्स ने हार्दिक पांड्या के एक ओवर में 20 रन भी जड़े।
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 187 रन बनाए। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट लिए और इसके साथ ही वह टी20 वर्ल्ड कप में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। ईशान किशन खाता खोले बिना आउट हो गए। अभिषेक शर्मा ने 12 गेंदों पर 15 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा एक रन ही बना सके।
नंबर पांच पर भेजे गए वॉशिंगटन सुंदर से उम्मीदें थीं, लेकिन वह भी 11 रन ही बना पाए। कप्तान सूर्यकुमार यादव 22 गेंदों पर 18 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद हार्दिक पांड्या भी इसी स्कोर पर पवेलियन लौट गए।रिंकू सिंह का खाता भी नहीं खुल सका, जिससे उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह पर सवाल खड़े हो गए। शिवम दुबे ने 42 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण भारत बड़ा स्कोर नहीं बना सका।
भारत अब भी कैसे कर सकता है क्वालीफाई?
76 रन की हार से भारत का नेट रन रेट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब भारत को अपने बचे हुए मुकाबले जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने हैं। दोनों मैच जीतना जरूरी है, लेकिन सिर्फ जीत से ही सेमीफाइनल का टिकट पक्का नहीं होगा। भारत के लिए सबसे बेहतर स्थिति यही होगी कि एडन मार्करम की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम अपने बाकी सभी मुकाबले जीत ले, ताकि नेट रन रेट का मामला ज्यादा न उलझे।
अगर वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उलटफेर करते हैं, तो भारत की राह बेहद मुश्किल हो सकती है। ऐसे में भारत को न सिर्फ अपने मैच जीतने होंगे, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज कर नेट रन रेट भी सुधारना होगा।