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Gautam Gambhir Hits Back at IPL Team Owner: “People Must Stay Within Their Domain”

by Rohit G

IPL 2026 से पहले टीमों के थिंक-टैंक, सपोर्ट स्टाफ और नेतृत्व से जुड़े कई बयान सुर्खियाँ बटोर रहे हैं। इसी बीच, गौतम गंभीर का एक कड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने एक IPL टीम ओनर द्वारा दिए गए “स्प्लिट कोचिंग मॉडल” के सुझाव पर सख्त प्रतिक्रिया दी है।

गंभीर, जो अपनी साफ-सुथरी राय और बेबाक स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, ने इस सलाह को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि किसी भी प्रोफेशनल सेटअप में हर व्यक्ति को अपने डोमेन में ही रहना चाहिए और अनावश्यक दखल से बचना चाहिए।

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क्या था पूरा मामला?

कुछ समय पहले एक फ्रेंचाइज़ी ओनर ने मीडिया में सुझाव दिया था कि आधुनिक क्रिकेट में “स्प्लिट कोचिंग”  यानी बैटिंग, बॉलिंग और रणनीतिक निर्णयों के लिए अलग-अलग कोच रखने का मॉडल बेहतर रहेगा। इस मॉडल पर प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा कि मालिकाना अधिकार का मतलब यह नहीं कि वे हर तकनीकी और क्रिकेटिंग फैसले में दखल दें।

गंभीर ने साफ कहा:

“क्रिकेट प्रोफेशनल्स का खेल है। हर किसी को अपने डोमेन में रहकर काम करना चाहिए। टीम चलाना कोच और क्रिकेटिंग स्टाफ का काम है, बिज़नेस चलाना ओनर का।”

गंभीर के इस बयान से साफ है कि वह टीम मैनेजमेंट में अधिक हस्तक्षेप के खिलाफ दृढ़ता से खड़े हैं।

गंभीर का तर्क क्यों मजबूत है?

  1. स्पोर्ट्स में एकता जरूरी होती है – बार-बार रोल बदलने या अलग-अलग कोचिंग इकाइयों के बीच निर्णय टकराव से टीम वातावरण प्रभावित हो सकता है।

  2. गंभीर ने KKR और LSG के साथ सफलता पाई है, और दोनों जगह वे एक सिंपल और स्पष्ट कोचिंग स्ट्रक्चर के समर्थक रहे हैं।

  3. स्प्लिट कोचिंग विदेशी क्रिकेट में सफल होती है, लेकिन IPL जैसे छोटे और हाई-इंटेंसिटी टूर्नामेंट में ज़िम्मेदारियों का बंटवारा उल्टा असर डाल सकता है।

IPL टीम ओनर्स vs टीम मैनेजमेंट - पुरानी बहस फिर गर्म

IPL ने पिछले वर्षों में कई बार यह बहस देखी है कि

  • टीम मालिक कितनी हद तक क्रिकेटिंग निर्णयों में हिस्सा लें,

  • और कितना स्पेस कोच व कप्तान को मिलना चाहिए।

गंभीर के बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा को हवा दे दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर जैसे अनुभवी लोग जब ऐसी बात कहते हैं तो उसका मतलब होता है कि टीम के भीतर “अनावश्यक सलाह” या “अधिकार से आगे जाकर इंटरफेयर” हो रहा है।

गंभीर का संदेश साफ:

“क्रिकेट विशेषज्ञों को क्रिकेट संभालने दो, मालिकों को बिज़नेस।”

उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है, और कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस दृष्टिकोण का समर्थन किया है।

 

निष्कर्ष

गौतम गंभीर का यह बयान सिर्फ एक IPL ओनर को जवाब नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम के लिए एक संदेश है
कि सफलता तभी आती है जब हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करे और दूसरों के रोल का सम्मान करे।

IPL 2026 से पहले यह बहस जरूर आगे बढ़ेगी, और देखना यह है कि टीमें भविष्य में किस मॉडल को अपनाती हैं।
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