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From Struggles to Stardom: The Inspiring Journey of Abhishek Sharma and Ishan Kishan

by Rohit G

भारतीय क्रिकेट के दो उभरते सितारों, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने हाल ही में अपने जीवन के संघर्षों और मैदान पर वापसी की चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की है। मार्च 2026 में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद एक साक्षात्कार में, दोनों खिलाड़ियों ने साझा किया कि कैसे मुश्किल समय ने उन्हें और मजबूत बनाया।

संघर्ष और वापसी की कहानी

अभिषेक शर्मा और ईशान किशन दोनों के लिए पिछला एक साल उतार-चढ़ाव से भरा रहा है:

  • ईशान किशन का व्यक्तिगत दुख और वापसी: ईशान किशन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मैच से ठीक पहले एक बड़ी व्यक्तिगत त्रासदी झेली। उनके परिवार के दो सदस्यों की एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इस गहरे दुख के बावजूद, ईशान ने मैदान पर उतरकर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 25 गेंदों में 54 रनों की शानदार पारी खेली और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
  • अभिषेक शर्मा का कठिन दौर: अभिषेक के लिए यह टूर्नामेंट आसान नहीं था। शुरुआती मैचों में लगातार तीन बार शून्य (डक) पर आउट होने के बाद वह अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे। उन्होंने साक्षात्कार में स्वीकार किया कि वह खुद पर संदेह करने लगे थे, लेकिन कप्तान और कोच के भरोसे ने उन्हें मानसिक रूप से संभाला।
  • बीते समय की चुनौतियां: ईशान किशन ने 2024 के उस कठिन दौर को भी याद किया जब उन्हें राष्ट्रीय टीम और बीसीसीआई (BCCI) के केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय शिकायत करने के बजाय उन्होंने घरेलू क्रिकेट में कड़ी मेहनत की और कप्तानी की जिम्मेदारी संभालकर खुद को साबित किया।

दोस्ती और मैदान पर भूमिका

इन दोनों खिलाड़ियों के बीच एक गहरी दोस्ती है, जो मैदान पर उनकी बल्लेबाजी में भी नजर आती है:

  • निडर बल्लेबाजी का अंदाज: ईशान किशन ने अभिषेक शर्मा को "जेनरेशन बोल्ड"  खिलाड़ी कहा है। ईशान के अनुसार, अभिषेक क्रीज पर आते ही बड़े शॉट खेलना शुरू कर देते हैं, जिससे दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज पर भी हर गेंद को हिट करने का सकारात्मक दबाव बनता है।
  • भूमिका की स्पष्टता: आईपीएल 2025 की नीलामी के बाद, ईशान ने अभिषेक को फोन करके अपनी भूमिका पूछी थी, जिस पर अभिषेक ने स्पष्ट कहा था कि उनका काम हर गेंद पर प्रहार करना है।

प्रेरणा और भविष्य

अभिषेक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और मेंटोर युवराज सिंह को दिया है। उन्होंने बताया कि युवराज पाजी हमेशा 'प्रोसेस' (प्रक्रिया) पर ध्यान देने की सलाह देते हैं, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है। वहीं ईशान किशन ने बचपन के उन दिनों को याद किया जब वह 12 साल की उम्र में अपना घर छोड़कर रांची शिफ्ट हुए थे और कई रातें खाली पेट सोए थे।

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