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First-Class Cricket Set for a Change – Injury Substitute Rule to Be Introduced by ICC

by Anjani Nandan Tiwari

First-Class Cricket Set for a Change – Injury Substitute Rule to Be Introduced by ICC
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हाल ही में घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट के लिए नई खेल शर्तों की घोषणा की है, जो खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की प्रतिस्पर्धात्मकता को संतुलित करने के उद्देश्य से लागू की गई हैं। इन शर्तों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव गंभीर चोट के कारण खिलाड़ी प्रतिस्थापन से संबंधित है। यह नियम खिलाड़ियों के कल्याण को प्राथमिकता देता है और साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि चोट के कारण कोई भी टीम अनुचित रूप से नुकसान न उठाए। इस लेख में, हम इस नए नियम के विवरण, इसके कार्यान्वयन, शर्तों और प्रभावों को विस्तार से समझाएंगे।


नया नियम क्या है?

ICC ने घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गंभीर बाहरी चोट (serious external injury) के मामले में पूर्णकालिक प्रतिस्थापन खिलाड़ी (full-time replacement player) को अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इस नियम के अनुसार:

यदि कोई खिलाड़ी मैच शुरू होने के बाद खेल के मैदान पर गंभीर चोट (जैसे फ्रैक्चर या बाहरी घाव) का शिकार होता है, तो उसे मैच के शेष समय के लिए एक समान भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी (like-for-like replacement) द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।

यह प्रतिस्थापन खिलाड़ी पूर्ण रूप से खेल में भाग ले सकता है, यानी वह बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण कर सकता है, बशर्ते वह मूल खिलाड़ी की भूमिका के समान हो।

यह नियम केवल गंभीर और दिखाई देने वाली चोटों (visible injuries) पर लागू होता है, जैसे हड्डी टूटना या बाहरी घाव। मांसपेशियों में खिंचाव (hamstring pulls) या मामूली चोटें (niggles) इस नियम के तहत प्रतिस्थापन के लिए योग्य नहीं होंगी।


नियम का कार्यान्वयन

ICC ने इस नियम को प्रायोगिक आधार (trial basis) पर लागू करने की सलाह दी है, और यह विभिन्न क्रिकेट बोर्ड्स की मंजूरी और उनके घरेलू टूर्नामेंट्स में लागू होगा। निम्नलिखित बिंदु इस नियम के कार्यान्वयन को समझने में मदद करते हैं:

चोट का सत्यापन:

प्रतिस्थापन की अनुमति केवल तभी दी जाएगी जब चोट मैदान पर और खेल के दौरान लगी हो।

चोट को गंभीर और दिखाई देने वाला होना चाहिए, जिसका सत्यापन मैच अधिकारियों (match officials) और टीम के चिकित्सा प्रतिनिधि (team medical representative) द्वारा किया जाएगा।

उदाहरण के लिए, यदि कोई खिलाड़ी सिर पर चोट या फ्रैक्चर का शिकार होता है, तो यह नियम लागू हो सकता है। हालांकि, मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन जैसी आंतरिक समस्याओं के लिए प्रतिस्थापन की अनुमति नहीं होगी।

समान भूमिका (Like-for-Like Replacement):

प्रतिस्थापन खिलाड़ी को मूल खिलाड़ी की भूमिका के समान होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि चोटिल खिलाड़ी एक तेज गेंदबाज है, तो प्रतिस्थापन खिलाड़ी भी तेज गेंदबाज होना चाहिए।

ICC मैच रेफरी यह सुनिश्चित करेगा कि प्रतिस्थापन खिलाड़ी का चयन टीम को अनुचित लाभ न दे। यदि रेफरी को लगता है कि प्रतिस्थापन खिलाड़ी की भूमिका मूल खिलाड़ी से भिन्न है, तो वह उनकी भागीदारी पर शर्तें लगा सकता है, जैसे कि गेंदबाजी पर प्रतिबंध।

मैच रेफरी की भूमिका:

प्रतिस्थापन अनुरोध को ICC मैच रेफरी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।

अनुरोध में चोटिल खिलाड़ी का नाम, चोट का समय और विवरण, और चिकित्सा प्रतिनिधि द्वारा पुष्टि शामिल होनी चाहिए।

रेफरी यह आकलन करेगा कि प्रतिस्थापन खिलाड़ी की भूमिका मैच के शेष समय में चोटिल खिलाड़ी की संभावित भूमिका से मेल खाती है या नहीं।

प्रतिस्थापन की प्रक्रिया:

प्रतिस्थापन अनुरोध को यथासंभव जल्दी जमा करना होगा।

एक बार प्रतिस्थापन स्वीकृत होने के बाद, चोटिल खिलाड़ी मैच में और भाग नहीं ले सकता।

दोनों खिलाड़ी (चोटिल और प्रतिस्थापन) को आंकड़ों और रिकॉर्ड के लिए मैच में भाग लेने वाला माना जाएगा।


नियम का उद्देश्य

यह नया नियम निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बनाया गया है:

खिलाड़ी कल्याण: गंभीर चोटों के मामले में खिलाड़ियों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करना और उन्हें खेलने के लिए मजबूर न करना।

प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन: यह सुनिश्चित करना कि चोट के कारण कोई भी टीम अनुचित नुकसान न उठाए।

खेल की अखंडता: नियम का दुरुपयोग रोकने के लिए, यह सुनिश्चित किया गया है कि केवल गंभीर और सत्यापित चोटों के लिए ही प्रतिस्थापन की अनुमति दी जाए।

 


कंकशन प्रतिस्थापन से तुलना

यह नया नियम ICC के कंकशन प्रतिस्थापन नियम (concussion substitute rule) से प्रेरित है, जो 2019 में लागू किया गया था। कॉन्सशन नियम के तहत:

सिर या गर्दन की चोट के कारण कॉन्सशन होने पर खिलाड़ी को प्रतिस्थापित किया जा सकता है।

प्रतिस्थापन खिलाड़ी को समान भूमिका निभानी होती है, और यह अनुमति केवल चिकित्सा पुष्टि के बाद दी जाती है।
नया गंभीर चोट प्रतिस्थापन नियम कॉन्सशन नियम की तर्ज पर बनाया गया है, लेकिन यह केवल बाहरी और दिखाई देने वाली चोटों तक सीमित है।


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