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ED Questions Suresh Raina Over Alleged Links to 1xBet Betting App

by Rani

ED Questions Suresh Raina Over Alleged Links to 1xBet Betting App

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को दिल्ली स्थित अपने दफ्तर में पेश होने के लिए समन भेजा है। यह कार्रवाई गैरकानूनी बेटिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़े एक बड़े मामले की जांच के तहत हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक, ED कई शहरों में चल रही अवैध ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है। रैना को 13 अगस्त को पेश होने के लिए कहा गया है, ताकि 1xBet नामक एक ऐप से उनके कथित संबंधों के बारे में पूछताछ की जा सके। माना जा रहा है कि रैना ने इस ऐप से जुड़े कुछ विज्ञापन या प्रमोशन किए थे, जिसकी पुष्टि एजेंसी करना चाहती है।

ED की जांच और अब तक की कार्रवाई

  • ED फिलहाल कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें गैरकानूनी बेटिंग ऐप्स ने निवेशकों और आम लोगों को धोखा दिया है।

  • एजेंसी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह रैना से किन सवालों पर पूछताछ करेगी।

  • पिछले महीने, ED ने Google और Meta के अधिकारियों को भी तलब किया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये बेटिंग ऐप्स किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर सरेगेट विज्ञापन चला रहे थे।

  • जांच में यह भी देखा जा रहा है कि विज्ञापनों के बदले मीडिया हाउसेज़ और अन्य स्टेकहोल्डर्स को कितनी रकम मिली।

गैरकानूनी बेटिंग ऐप्स का बढ़ता जाल

  • इन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के नाम समय-समय पर बदलते रहते हैं और इन्हें प्रमोट करने में कई सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल होते हैं।

  • साल 2025 के पहले तीन महीनों में ही भारत में गैरकानूनी बेटिंग वेबसाइट्स और ऐप्स पर 1.6 बिलियन से ज्यादा विज़िट्स दर्ज की गईं।

  • माना जा रहा है कि भारत का ऑनलाइन बेटिंग मार्केट लगभग $100 मिलियन का हो सकता है।

  • एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, देश में 22 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी बेटिंग ऐप से जुड़े हैं, जिनमें 11 करोड़ लोग नियमित रूप से खेलते हैं।

  • ये प्लेटफॉर्म्स हर साल लगभग 27,000 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी कर रहे हैं।

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Parimatch ऐप पर भी बड़ी कार्रवाई

मंगलवार को, ED की एक टीम ने मुंबई, दिल्ली-NCR, हैदराबाद, जयपुर, मदुरै और सूरत में 15 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ‘Parimatch’ नाम के बेटिंग ऐप से जुड़े रैकेट की जांच के तहत की गई।

  • यह मामला 2024 में मुंबई के साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था।

  • जांच के अनुसार, इस रैकेट ने 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा अवैध रूप से जुटाए, जिन्हें म्यूल अकाउंट्स में डाला गया।

  • इसके बाद रकम को क्रिप्टो वॉलेट्स, छोटे-छोटे एटीएम कैश विड्रॉल (तमिलनाडु के एक इलाके में) और लो-वैल्यू UPI ट्रांज़ैक्शन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग किया गया।

गैरकानूनी बेटिंग और ऑनलाइन सट्टेबाज़ी भारत में एक गंभीर अपराध बन चुका है, जिसमें बड़े पैमाने पर आम जनता का पैसा फंस रहा है। ED की यह पूछताछ और छापेमारी आने वाले दिनों में और बड़े नामों को बेनकाब कर सकती है।

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