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ECB Urges The Hundred Franchises to Pick Players on Merit, Not Nationality

by Mahesh Thakur

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट की सभी फ्रेंचाइज़ियों को एक ईमेल भेजकर स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों का चयन केवल उनकी योग्यता, उपलब्धता और टीम की जरूरतों के आधार पर होना चाहिए, न कि उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर। यह कदम उन रिपोर्ट्स के बाद उठाया गया है जिनमें दावा किया गया था कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़े कुछ फ्रेंचाइज़ी मालिक पाकिस्तान के खिलाड़ियों को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

दरअसल, ‘द हंड्रेड 2026’ के ऑक्शन के लिए पाकिस्तान के कुल 63 खिलाड़ी (पुरुष और महिला) पंजीकरण करा चुके हैं। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई थी कि कुछ टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगी। इसी पृष्ठभूमि में ईसीबी ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के कारण अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

ईसीबी का स्पष्ट संदेश

क्रिकबज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ईसीबी ने कुछ दिन पहले सभी फ्रेंचाइज़ियों को मेल भेजा। इसमें कहा गया है कि यदि यह सामने आता है कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के कारण नहीं चुना गया, तो क्रिकेट रेगुलेटर के पास जांच करने का अधिकार है।

ईसीबी ने अपने पत्र में लिखा,
“खिलाड़ियों का चयन हमेशा क्रिकेटिंग तर्क, उपलब्धता और टीम की रणनीति के आधार पर होना चाहिए। किसी भी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के कारण ‘द हंड्रेड’ में जगह से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी टीम द्वारा राष्ट्रीयता के आधार पर खिलाड़ियों को बाहर रखने की नीति अपनाई जाती है, तो क्रिकेट रेगुलेटर को इसकी जांच करने का अधिकार है। हमारा टूर्नामेंट तभी आगे बढ़ेगा जब सर्वश्रेष्ठ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को प्रदर्शन करने, प्रेरित करने और प्रतियोगिता के स्तर को ऊंचा उठाने का अवसर मिलेगा।”

गौरतलब है कि अब तक ‘द हंड्रेड’ में पाकिस्तान की किसी भी महिला क्रिकेटर को मौका नहीं मिला है, जबकि पुरुष वर्ग में केवल दो पाकिस्तानी खिलाड़ी ही टूर्नामेंट का हिस्सा रहे हैं।

63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण

‘द हंड्रेड 2026’ ऑक्शन के लिए पाकिस्तान के 63 खिलाड़ियों ने अपना नाम दर्ज कराया है। इनमें पुरुष और महिला दोनों खिलाड़ी शामिल हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम के कई सदस्य भी फ्रेंचाइज़ियों के साथ जुड़ने की उम्मीद में ऑक्शन सूची में शामिल हुए हैं।

हालांकि, बीबीसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईपीएल से जुड़े चार फ्रेंचाइज़ी — एमआई लंदन (रिलायंस इंडस्ट्रीज), मैनचेस्टर सुपर जायंट्स (आरपीएसजी ग्रुप), साउदर्न ब्रेव (जीएमआर ग्रुप) और सनराइजर्स लीड्स (सन टीवी) — पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगे।

ऐसे में ईसीबी का यह हस्तक्षेप टूर्नामेंट की निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बोर्ड ने साफ संकेत दे दिया है कि ‘द हंड्रेड’ में प्रतिभा को प्राथमिकता दी जाएगी, न कि किसी देश विशेष की पहचान को।