Does Ruturaj Gaikwad Truly Deserve Consistent Chances in the ODI Team?
भारतीय क्रिकेट में इस समय प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन इस भीड़ में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जो लगातार घरेलू क्रिकेट और 'इंडिया ए' के लिए रनों का पहाड़ बनाने के बावजूद मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। इनमें से सबसे प्रमुख नाम है—ऋतुराज गायकवाड़। हाल ही में आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए उनका सीजन भले ही थोड़ा फीका रहा हो, लेकिन पचास ओवर (ODI) के फॉर्मेट में उनका क्लास और आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।
आइए विश्लेषण करते हैं कि क्यों ऋतुराज गायकवाड़ को वनडे टीम में लंबी रन-वे (लगातार मौके) मिलनी चाहिए।
1. लिस्ट-ए क्रिकेट के बेताज बादशाह
ऋतुराज का खेल वनडे फॉर्मेट के लिए बिल्कुल परफेक्ट बैठता है। उनके पास पारी को संभालने की गजब की क्षमता है। लिस्ट-ए (घरेलू 50 ओवर क्रिकेट) में उनके आंकड़े किसी भी चयनकर्ता को प्रभावित करने के लिए काफी हैं:
उन्होंने अपने लिस्ट-ए करियर में अब तक 21 शतक जड़े हैं।
श्रीलंका ए के खिलाफ संकट के समय (जब इंडिया ए 16/2 पर थी) बनाया गया उनका नवीनतम शतक यह दिखाता है कि मुश्किल पिचों और दबाव की स्थिति में वे कितने परिपक्व बल्लेबाज हैं।
2. पारी को बुनने की काबिलियत
आजकल के दौर में जहां टी20 के प्रभाव के कारण बल्लेबाज आते ही हिट करने के चक्कर में विकेट गंवा देते हैं, ऋतुराज पुरानी शैली के क्लासिक बल्लेबाज हैं। वे शुरुआत में क्रीज पर समय बिताते हैं, स्ट्राइक रोटेट करते हैं और एक बार सेट होने के बाद किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकते हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद भारतीय वनडे टीम को एक ऐसे बल्लेबाज की सख्त जरूरत है जो पूरे 50 ओवर तक बल्लेबाजी को संभाल सके।
3. टीम इंडिया में मिले हैं सिर्फ 'टुकड़ों' में मौके
ऋतुराज को अब तक इंटरनेशनल लेवल पर जब भी वनडे में मौका मिला है, वह नियमित नहीं रहा है। जब सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया जाता है, तभी उन्हें टीम में शामिल किया जाता है। ऐसे में किसी भी खिलाड़ी के लिए अपनी जगह पक्की करना और लय हासिल करना नामुमकिन जैसा होता है। साल 2025 के अंत में साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने एक शानदार वनडे शतक (105 रन) भी लगाया था, जो उनके क्लास को साबित करता है। इसके बावजूद, आगामी अफगानिस्तान सीरीज के लिए जब सीनियर खिलाड़ी बाहर हुए, तो चयनकर्ताओं ने उनकी जगह यशस्वी जायसवाल को प्राथमिकता दी, जो एक बार फिर ऋतुराज के साथ थोड़ा कड़ा फैसला माना जा सकता है।
कड़वा सच: आईपीएल या टी20 की फॉर्म के आधार पर ऋतुराज के वनडे करियर का आकलन करना गलत होगा। 50 ओवर का खेल संयम मांगता है, और ऋतुराज के पास वह संयम कूट-कूट कर भरा है।
राह में क्या है सबसे बड़ा रोड़ा?
ऋतुराज गायकवाड़ के टैलेंट में कोई कमी नहीं है, लेकिन उनके रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती भारतीय टॉप-ऑर्डर में जगह की कमी है।
ओपनिंग स्लॉट फुल है: रोहित शर्मा, शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल के रहते टॉप-ऑर्डर में जगह बनाना बेहद मुश्किल है।
मिडिल ऑर्डर की चुनौती: हालांकि ऋतुराज ने इंडिया ए के लिए नंबर 4 पर भी बल्लेबाजी की है और शतक लगाया है, लेकिन भारतीय मुख्य टीम में श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी पहले से ही स्थापित हैं।
निष्कर्ष: क्या वे हकदार हैं?
बिल्कुल हां! ऋतुराज गायकवाड़ सिर्फ एक प्रतिभावान खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि वे भविष्य के कप्तान मटेरियल भी हैं। जिस तरह उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में 'इंडिया ए' को संभाला है, वह उनके मजबूत मानसिकता को दर्शाता है।
भारतीय सिलेक्टर्स को यह समझना होगा कि हर खिलाड़ी को टी20 के चश्मे से नहीं देखा जा सकता। वनडे क्रिकेट में ऋतुराज गायकवाड़ एक लंबी रेस के घोड़े हैं। अगर टीम इंडिया को भविष्य के लिए एक सॉलिड टॉप-ऑर्डर तैयार करना है, तो ऋतुराज को बैक करना ही होगा और उन्हें सिर्फ बैकअप खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि मुख्य खिलाड़ी के तौर पर लगातार मौके देने होंगे।