Captain Shubman Gill's ODI Brilliance: Setting a New Example of Leading from the Front
भारतीय क्रिकेट के 'प्रिंस' कहे जाने वाले शुभमन गिल अब सिर्फ एक स्टाइलिश बल्लेबाज नहीं रह गए हैं, बल्कि उन्होंने खुद को एक बेहतरीन और जिम्मेदार लीडर के रूप में स्थापित कर लिया है। टीम इंडिया के पूर्णकालिक वनडे कप्तान के रूप में गिल न केवल फैसले ले रहे हैं, बल्कि अपनी लाजवाब बल्लेबाजी से आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व कर रहे हैं ।
इसका सबसे ताजा और जीवंत उदाहरण अफगानिस्तान के खिलाफ लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मैच में देखने को मिला।
लखनऊ में कप्तानी पारी: दर्द को मात देकर जड़ा महाशतक
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में जब टीम इंडिया को एक बड़े स्कोर की जरूरत थी, तब कप्तान शुभमन गिल ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। इस मैच में उन्होंने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रनों की आक्रामक और ऐतिहासिक पारी खेली।
चुनौतियों पर जीत: लखनऊ की भीषण गर्मी और उमस के बीच गिल को गंभीर स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों में खिंचाव का सामना करना पड़ा। दर्द इतना था कि उन्हें आइस कॉलर पहनकर बल्लेबाजी करनी पड़ी, लेकिन वे डिगे नहीं। उन्होंने 140 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 22 चौके और 2 छक्के जड़े।
इस कप्तानी पारी की बदौलत भारत ने अफगानिस्तान के सामने 402 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और मैच को 170 रनों के बड़े अंतर से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
कप्तानी मिलते ही फॉर्म में आया जबरदस्त उछाल
अक्सर देखा जाता है कि कप्तानी के दबाव में बड़े-बडे़ बल्लेबाजों का फॉर्म गिर जाता है, लेकिन गिल के साथ कहानी बिल्कुल उलट है। कप्तानी का आर्मबैंड पहनते ही उनकी बल्लेबाजी में और अधिक निखार आ गया है।
1. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 7,000 रन पूरे
अपनी 154 रनों की पारी के दौरान गिल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर) में अपने 7,000 रन भी पूरे कर लिए हैं। वनडे में उनका औसत 59.09 का है, जो इस बात का गवाह है कि वे मौजूदा दौर के सबसे निरंतर बल्लेबाजों में से एक हैं।
2. कप्तानों के एलीट क्लब में शामिल
अफगानिस्तान के खिलाफ उनका शतक महज 77 गेंदों में आया, जो किसी भी भारतीय वनडे कप्तान द्वारा लगाया गया चौथा सबसे तेज शतक है। कप्तान के रूप में यह उनका पहला वनडे शतक भी था।
युवाओं को साथ लेकर चलने का जज्बा
एक कप्तान के रूप में गिल की सबसे बड़ी खूबी यह दिख रही है कि वे खुद रन बनाने के साथ-साथ अपने साथी खिलाड़ियों का हौसला भी बढ़ा रहे हैं। दूसरे वनडे में उन्होंने ईशान किशन (125 रन) के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 224 रनों की विस्फोटक साझेदारी की। गिल ने किशन को क्रीज पर सेट होने का पूरा मौका दिया और खुद एक छोर से लगातार बाउंड्रीज बटोरते रहे।
शुभमन गिल का यह अंदाज भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बेहद सुखद संकेत है। कप्तानी मिलने के बाद उनके खेल में जो परिपक्वता और रनों की भूख दिखाई दे रही है, उसने यह साफ कर दिया है कि वह विराट कोहली और रोहित शर्मा की 'लीडिंग फ्रॉम द फ्रंट' वाली विरासत को पूरी गरिमा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।