BCCI To Launch New Red Ball Tournament After IPL 2026

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आईपीएल 2026 के बाद एक नए टूर्नामेंट की घोषणा की है। इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य भारत के अगले टेस्ट सितारों की पहचान करना है। हाल के समय में भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में मिली हारों के बाद बीसीसीआई ने अब रेड बॉल क्रिकेट पर अपना ध्यान बढ़ाने का फैसला किया है।
भारत को पिछले एक साल में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी भी गंवा दी। ऑस्ट्रेलिया ने 2024 और 25 की सीरीज में भारत को 3 और 1 से हराकर एक दशक बाद यह ट्रॉफी अपने नाम की।
आईपीएल 2026 के बाद शुरू होगा चार दिवसीय टूर्नामेंट
बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जो बेंगलुरु में स्थित है, जून और जुलाई में एक विशेष इंट्रा सीओई टूर्नामेंट आयोजित करेगा। यह टूर्नामेंट आईपीएल 2026 के खत्म होने के तुरंत बाद खेला जाएगा। इसमें चार दिवसीय रेड बॉल मैच होंगे और इसका मकसद ऐसे खिलाड़ियों को ढूंढना है जो आगे चलकर भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ बन सकें।
इस टूर्नामेंट में देश के 64 युवा खिलाड़ियों को मौका मिलेगा। इन सभी खिलाड़ियों की उम्र 25 साल से कम होगी। इनमें अंडर 19 विश्व कप जीतने वाली टीम के खिलाड़ी और आईपीएल में चमक बिखेर चुके वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे भी शामिल होंगे।
बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख और पूर्व भारतीय बल्लेबाज भी इस टूर्नामेंट में अहम भूमिका निभाएंगे। युवा खिलाड़ियों की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर होगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े अन्य कोच और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को भी भारत के रेड बॉल टैलेंट पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए क्यों जरूरी है यह टूर्नामेंट
सीमित ओवर क्रिकेट में भारतीय टीम लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। भारत ने लगातार दो टी20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2025 एशिया कप अपने नाम किए हैं। लेकिन दूसरी ओर टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन लगातार गिरा है।
भारत ने पिछले साल इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई थी, लेकिन उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 और 0 से हार और न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 और 0 की हार ने टीम की कमजोरियों को उजागर कर दिया।
ऐसे में यह इंट्रा सीओई रेड बॉल टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। इससे युवा खिलाड़ियों को लंबी पारी खेलने, कठिन परिस्थितियों में टिकने और टेस्ट क्रिकेट के दबाव को समझने का मौका मिलेगा। यही खिलाड़ी भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम की नई पहचान बन सकते हैं।
व्हाइट बॉल क्रिकेट में तैयार हो रही है नई पीढ़ी
भारत की अगली पीढ़ी व्हाइट बॉल क्रिकेट में पहले से ही अपनी छाप छोड़ रही है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय अंडर 19 टीम ने हाल ही में जिम्बाब्वे में 2026 अंडर 19 विश्व कप जीता।
फाइनल मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन बनाए। उनकी इस शानदार पारी की बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया। वैभव सूर्यवंशी को फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच और पूरे टूर्नामेंट में 439 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
मुख्य जानकारी
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| टूर्नामेंट | इंट्रा सीओई रेड बॉल टूर्नामेंट |
| आयोजन स्थल | बेंगलुरु |
| समय | जून और जुलाई 2026 |
| खिलाड़ी | 64 युवा खिलाड़ी |
| आयु सीमा | 25 साल से कम |
| मैच प्रारूप | चार दिवसीय रेड बॉल मैच |
| प्रमुख उद्देश्य | भारत के अगले टेस्ट खिलाड़ियों की पहचान |
| प्रमुख नाम | वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे, वीवीएस लक्ष्मण |
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