BCCI to Consider Extension for Gautam Gambhir Beyond 2027 World Cup

गौतम गंभीर का टीम इंडिया के मुख्य कोच के रूप में अनुबंध 2027 वनडे विश्व कप तक है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि वह दक्षिण अफ्रीका में होने वाले उस आईसीसी टूर्नामेंट के बाद भी अपनी जिम्मेदारी जारी रख सकते हैं। फिलहाल गंभीर के सामने दो बड़े लक्ष्य हैं मौजूदा टी20 विश्व कप जीतना और अगले साल होने वाला वनडे विश्व कप। इन दोनों टूर्नामेंटों में टीम का प्रदर्शन उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है।
एक दिलचस्प रिपोर्ट के अनुसार, अगर बीसीसीआई उन पर भरोसा बनाए रखता है तो 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक तक उनका कार्यकाल बढ़ सकता है। क्रिकेट 128 साल बाद ओलंपिक में वापसी कर रहा है। भारत का ओलंपिक इतिहास गौरवशाली तो है, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या सीमित रही है। ऐसे में अगर क्रिकेट में भारत स्वर्ण पदक जीतता है तो यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
भारत ने अब तक ओलंपिक में कुल 10 स्वर्ण पदक जीते हैं, जिनमें से आठ पुरुष हॉकी टीम ने दिलाए। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में केवल अभिनव बिंद्रा और नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीते हैं। बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण जीता था, जबकि नीरज चोपड़ा ने ट्रैक एंड फील्ड में इतिहास रचते हुए देश को नया गौरव दिलाया।
टी20 प्रारूप में क्रिकेट की वापसी भारत के लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है। मौजूदा भारतीय टी20 टीम को दुनिया की सबसे मजबूत और आक्रामक टीमों में गिना जाता है। टीम के पास बेहतरीन बेंच स्ट्रेंथ भी है, जिससे 2028 तक यह और मजबूत हो सकती है। किसी भी कोच का सपना होता है कि वह अपनी टीम को शिखर तक पहुंचाए, और गंभीर के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाना करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हो सकती है।
हालांकि यह सब बीसीसीआई के फैसले पर निर्भर करेगा। गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट जीते, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन चिंता का विषय रहा है। घरेलू मैदान पर दो सीरीज में हार और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में गिरावट ने सवाल खड़े किए हैं। 2026 में भारत केवल पांच टेस्ट खेलेगा एक अफगानिस्तान के खिलाफ, दो श्रीलंका में और दो न्यूजीलैंड के खिलाफ। लेकिन 2027 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के साथ टेस्ट क्रिकेट का असली इम्तिहान फिर शुरू होगा।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की हार के बाद गंभीर ने साफ कहा था कि यह बीसीसीआई पर निर्भर है कि वह उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त मानता है या नहीं। फिलहाल विकल्प भी सीमित नजर आते हैं। वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है और बीसीसीआई विदेशी कोच की ओर रुख करने के पक्ष में नहीं दिखता। ऐसे में अगर कोई मजबूत और अनुभवी कोच सामने नहीं आता, तो गंभीर का कार्यकाल 2028 ओलंपिक तक बढ़ाया जा सकता है।