BBL Introduces Designated Batter & Fielder Rule From BBL 16 – Explained

गुरुवार, 15 जनवरी को बिग बैश लीग (BBL) ने टूर्नामेंट के अगले सीज़न BBL 16 से लागू होने वाला एक बिल्कुल नया नियम घोषित किया, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। इस नए नियम को “डिज़िग्नेटेड बैटर और डिज़िग्नेटेड फील्डर नियम” नाम दिया गया है।
बिग बैश लीग में ‘डिज़िग्नेटेड बैटर और फील्डर’ नियम लागू
इस नए नियम के तहत, बिग बैश लीग की सभी आठ टीमें अपने प्लेइंग इलेवन में से एक खिलाड़ी को डिज़िग्नेटेड बैटर और एक खिलाड़ी को डिज़िग्नेटेड फील्डर के रूप में नामित कर सकेंगी। यह नामांकन टॉस या बैट फ्लिप से पहले करना होगा। यह नामांकन टॉस या बैट फ्लिप से पहले करना होगा।
नियम कैसे काम करेगा?
जो खिलाड़ी डिज़िग्नेटेड बैटर होगा, वह केवल बल्लेबाज़ी कर सकेगा।
वह खिलाड़ी फील्डिंग या गेंदबाज़ी नहीं कर पाएगा।
पारी के बदलाव के समय उसकी जगह मैदान पर डिज़िग्नेटेड फील्डर उतरेगा।
डिज़िग्नेटेड फील्डर गेंदबाज़ी नहीं कर सकेगा, लेकिन वह विकेटकीपिंग कर सकता है।
सबसे अहम बात यह है कि टीमें इस नियम को अपनाने के लिए बाध्य नहीं होंगी। यदि कोई टीम चाहे, तो वह पारंपरिक प्लेइंग इलेवन के साथ भी मैदान में उतर सकती है।
इसके अलावा यह नियम केवल पुरुषों की बिग बैश लीग (BBL) में लागू होगा, महिला बिग बैश लीग (WBBL) में नहीं।
“बिग बैश नवाचार की भावना पर बना है” – एलिस्टेयर डॉब्सन
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश लीग्स के महाप्रबंधक एलिस्टेयर डॉब्सन ने इस नए नियम पर कहा कि इसका मकसद टीमों को रणनीति में और अधिक लचीलापन देना है।
उन्होंने कहा,
“बिग बैश हमेशा नवाचार और बदलाव की भावना पर बना रहा है। डिज़िग्नेटेड बैटर और फील्डर नियम से टीमों को नई रणनीतियाँ अपनाने का मौका मिलेगा और दर्शकों के लिए मुकाबले और रोमांचक बनेंगे।”
डॉब्सन ने आगे जोड़ा,
“हर फैन चाहता है कि बेहतरीन बल्लेबाज़ और चुस्त फील्डर ज्यादा से ज्यादा मैच खेलें। हमें यह देखने में मज़ा आएगा कि टीमें इस लचीलापन का इस्तेमाल BBL 16 में कैसे करती हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नियम से खेल की मूल संरचना से कोई समझौता नहीं किया गया है, बल्कि इसमें रणनीति और मनोरंजन का नया आयाम जोड़ा गया है।
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