
बांग्लादेश में जन्मे और ब्रिटिश नागरिकता रखने वाले पूर्व क्रिकेट फ्रेंचाइज़ी मालिक तमीम रहमान को मैच फिक्सिंग मामले में दोषी पाया गया है। उन्होंने वर्ष 2024 में एक खिलाड़ी को मैच फिक्स करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की थी। रहमान श्रीलंका की लंका प्रीमियर लीग में डंबुला थंडर्स टीम के मालिक थे।
कोलंबो हाई कोर्ट ने 28 जनवरी को तमीम रहमान पर 24 मिलियन रुपये का जुर्माना लगाया और उन्हें चार साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। हालांकि यह सजा पांच साल के लिए निलंबित कर दी गई है। अदालत ने साफ संदेश दिया कि खेलों में भ्रष्टाचार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गिरफ्तारी कैसे हुई
22 मई 2024 को तमीम रहमान को कटनायके स्थित बंदरनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। श्रीलंका के खेल मंत्रालय की विशेष जांच इकाई ने उन्हें मैच फिक्सिंग के आरोपों के संबंध में पकड़ा था। इसके बाद से मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत चला।
नवंबर 2024 में उन्हें खेल से संबंधित अपराधों की रोकथाम अधिनियम के तहत अदालत में पेश किया गया। उन पर 2024 की लीग में खेलने वाले एक क्रिकेटर को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया था।
खिलाड़ी ने अधिकारियों को दी जानकारी
जिस क्रिकेटर से तमीम रहमान संपर्क में थे, उसने इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी थी। उस समय श्रीलंका ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक अलग संस्था भी बनाई थी। जांच के दौरान जब रहमान देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें हवाई अड्डे पर पकड़ लिया गया।
एक पिछली सुनवाई में रहमान ने आरोप स्वीकार कर लिए थे, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। इस मामले को श्रीलंका के खेल जगत में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है क्योंकि इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख स्पष्ट हुआ है।
अदालत में क्या हुआ
जब यह मामला कोलंबो हाई कोर्ट के जज उदेश रणातुंगा के सामने पेश हुआ, तो बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि उनका मुवक्किल मामले को जल्दी समाप्त करना चाहता है और उसने अटॉर्नी जनरल को अपनी बात सौंप दी है। बाद में आरोपी ने अदालत में दोष स्वीकार कर लिया, जिसके बाद न्यायाधीश ने सजा सुनाई।
एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तमीम रहमान को दुबई जाने वाली उड़ान पकड़ने की कोशिश करते समय कोलंबो हवाई अड्डे पर रोका गया था और उन्हें कई हफ्तों तक हिरासत में रखा गया था, बाद में जमानत पर रिहा किया गया।
अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में टीम मैनेजर मुजीब उर रहमान जो एक पाकिस्तानी नागरिक हैं, उनके खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
इस फैसले से श्रीलंका में खेलों की पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने का मजबूत संदेश गया है।