Australian Young Cricketer Ben Austin Dies After Being Hit on Head During Practice Session
विश्व क्रिकेट जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मात्र 17 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई युवा क्रिकेटर बेन ऑस्टिन (Ben Austin) का निधन हो गया है। अभ्यास के दौरान गेंद लगने से उन्हें गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
यह दर्दनाक हादसा 28 अक्टूबर को मेलबर्न के वॉली ट्यू रिजर्व, फर्नट्री गली में हुआ था, जब बेन नेट्स में बल्लेबाजी का अभ्यास कर रहे थे।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
बेन ऑस्टिन उस समय नेट्स में बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्होंने हेलमेट पहन रखा था। अभ्यास के दौरान एक तेज़ गेंद उनके सिर और गर्दन के बीच के हिस्से पर लगी। इसके तुरंत बाद मेडिकल टीम को बुलाया गया और उन्हें गंभीर हालत में मोनाश मेडिकल सेंटर ले जाया गया।
Cricket Victoria is deeply saddened & shocked at the passing of 17-year-old Ben Austin from Ferntree Gully Cricket Club.
— Cricket Victoria (@cricketvictoria) October 30, 2025
Our sincere love & thoughts are with the Austin family, Ben’s teammates, Ferntree Gully Cricket Club and the Victorian cricket community
Vale Ben. pic.twitter.com/uj9dECiTrB
डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश 29 अक्टूबर को बेन की मौत हो गई।
फिल ह्यूज की यादें फिर ताज़ा
यह घटना 2014 में फिल ह्यूज की मौत की याद दिलाती है, जब उन्हें भी मैच के दौरान सिर पर गेंद लगी थी। ऐसे हादसे क्रिकेट में बेहद दुर्लभ होते हैं, लेकिन बेन ऑस्टिन की मौत ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि क्रिकेट जैसी सुरक्षित दिखने वाली खेल में भी जानलेवा खतरे हो सकते हैं खासकर अभ्यास सत्रों के दौरान।
पिता जेस ऑस्टिन का भावुक बयान
बेन के निधन के बाद उनके पिता जेस ऑस्टिन ने एक भावनात्मक बयान जारी किया।
उन्होंने कहा
“हम अपने प्यारे बेटे बेन के निधन से पूरी तरह टूट चुके हैं। गुरुवार सुबह उसका निधन हो गया। ट्रेसी और मेरे लिए, बेन एक बेहद प्यारा बेटा था, अपने भाइयों कूपर और ज़ैक के लिए आदर्श और हमारे परिवार व दोस्तों की ज़िंदगी में एक उजाला था।”
उन्होंने आगे कहा
“यह त्रासदी हमारे लिए अपूरणीय है, लेकिन हमें थोड़ा सुकून इस बात से है कि वह वही कर रहा था जिसे वह सबसे ज़्यादा प्यार करता था — अपने दोस्तों के साथ नेट्स में जाकर क्रिकेट खेलना। क्रिकेट उसके जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में से एक थी।”